अकबर और बीरबल
एक बार की बात है की अकबर के दरबार मे सब ये सोचने लगे की मे बीरबल से जयादा बुधिमान हू और दूसरा बोला मे बुधिमान हु सब मे बहस शुरू हो गई अकबर ने सोचा इन सब मै तो जंग शुरू हो जायेगी ऐसे ही चलता रहा तो उसने उसने अपने सभी धरवारियो से एक एक करके कहा की की तुम बिना पैसो के दुकान पर जाके पैसा बिना घी का पीपा बरवा के लायेगा वही बुधिमान होगा सभी ने परयास किया मगरकोय नही ला सका सभी के बाद अकबर का नंबर आया अकबर बोला बीरबल अब तुम बिना पैसा के घी ले पीपा को भरवा के लावो बीरबल बोला जी महाराज तभी बीरबल दुकान पर गया बोला सेठ जी 5 किलो घी देना तो सेठ ने तोल दिया दिया उस के बाद बीरबल बोला सेठ घी का रेट क्या है फिर सेठ ने क्या की 500 रुपए किलो बीरबल बोला भाई दूसरी दुकान पर तो 450 रुपए दे रहा है तु दे तो बोल नही तो रहने दे सेठ बोला नही भाई नही बीरबल बोला रहने दे तो सेठ ने घी वापस निकाल लिया और राजसभा मे पहुँच गया और बोला लो बहराज यह घी से भरा हुआ है और बोला बताओ बुधिमान कौन सभी बोले जी बीरबल
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Writter parmod kumar
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