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Showing posts from January, 2021

अकबर बीरबल

 एक बार की बात है की अकबर युद्ध मे जीत के आया था तो उसे सभी ने उपहार दिया दूसरे राज्य से बी उपहार आ रहे थे एक राज्य से उपार की बजाय एक पिजरा था जिस मे मोम का बना हुआ शेर था और एक संदेश था उस मे लिखा था की ये अकबर आप के मंत्रियों मे किसी मे बी एकल है तो शेर को बाहर निकाल के दिखाओ और इस के नियम यह है की न तो पिंजरा खोलना है और न ही शेर को काटना है सरत मंजूर है बोलो अकबर बोला बीरबल से की ये संभव है क्या बीरबल तो बीरबल बोला जी महाराज तो अकबर बोला कर के दिखाओ तो बीरबल ने शेर के चारो और आग सिलगा दी जिस से मोम से बना शेर पिघल गया or पीजरे से बहार आ गया सभी ने बीरबल की वा वा करी धनयवाद स्टोरी पसद् आय तो लाइक जरूर करे Writter parmod kumar

अकबर बीरबल

 एक बार की बात है की अकबर अपनी रानियों के साथ पतग उडा रहे थे और उस की पतग कट के पेडोशी राज्य मे में जा गिरी उस के राजा ने पतग को अपने गुसलखाने मे रख दिया और अकबर को संदेश पहुँचा दिया और बोला अगर तुम मेरे राज्य से बिना युद्ध करे पतग ले गया तो मे तुझे अपना राज्य सोप दु गा अगर ऐसा नही हुआ तो तू अपना राज्य मुझे सोप दो अकबर ने अपने राज्य सभा के सदसयो से इस बारे मै बात की और कहा की तुम कोय उपाय बताओ तभी सभी दरवारीयो ने क्या युद्ध करके ही ले आते है अकबर ने कहा कि युद्ध तो करना ही नही बिना युद्ध के पतग लानी है तभी बीरबल बोला मे लाउगा और दूसरे दिन पडोशी राज्य मै पहुँच जाता है और बहा प्रजा मे कहने लग गया की इस राज्य के राजा का लेट्रिग् अकबर के डर से निकलता है और यह बात पूरे राज्य मे फैल गई और कुछ समय के बाद राजा तक बी पहुँच गई तभी राजा ने कहा की कौन आफवा फैला रहा है ये मुझे जल्दी से बताओ तो तो उस राज्य के दरवारीयो ने पता लगा लिया और राजा के पास ले जाया जाता है उस के बाद बीरबल से कहा तुम ने ये क्यों अफवा फैला रहे हो तभी बीरबल ये तो सच है तभी तो आप ने अपने गुसलखाने मे पतग रखी है तुम वह पतग लौट...

अकबर और बीरबल

 एक बार की बात है की अकबर के दरबार मे सब ये सोचने लगे की मे बीरबल से जयादा बुधिमान हू और दूसरा बोला मे बुधिमान हु सब मे बहस शुरू हो गई  अकबर ने सोचा इन सब मै तो जंग शुरू हो जायेगी ऐसे ही चलता रहा तो उसने उसने अपने सभी धरवारियो से एक एक करके कहा की की तुम बिना पैसो के दुकान पर जाके  पैसा बिना घी का पीपा बरवा के लायेगा वही बुधिमान होगा सभी ने परयास किया मगरकोय नही ला सका सभी के बाद अकबर का नंबर आया अकबर बोला बीरबल अब तुम बिना पैसा के घी ले पीपा को भरवा के लावो बीरबल बोला जी महाराज तभी बीरबल दुकान पर गया बोला सेठ जी 5 किलो घी देना तो सेठ ने तोल दिया दिया उस के बाद बीरबल बोला सेठ घी का रेट क्या है फिर सेठ ने क्या की 500 रुपए किलो बीरबल बोला भाई दूसरी दुकान पर तो 450 रुपए दे रहा है तु दे तो बोल नही तो रहने दे सेठ बोला नही भाई नही बीरबल बोला रहने दे तो सेठ ने घी वापस निकाल लिया और राजसभा मे पहुँच गया और बोला लो बहराज यह घी से भरा हुआ है और बोला बताओ बुधिमान कौन सभी बोले जी बीरबल यदि आप को कहानी पसद् आय तो लाइक करना न भूले Writter parmod kumar

समुंदर का पानी खारा क्यु

 एक बार दो भाई थे एक अमीर दूसरा गरीब अमीर तो अपने मस्ती से रहता था गरीब तो टाइम पास करके दिन गुराता था एक दिन दिवाली की बात थी जब वह माउष हो कर बैठा था तभी एक परी परगट हुई उसने कहा तुम उदास क्यों बैठे हो तो गरीब ने अपना हाल सुनाया तबि वह परी ने कहा बस इतनी सी बात पर उदास हो गरीब बोला आप को इतनी सी बात लगती है वहा देखो मेरा भाई कितने मौज से दिन बिता रहा है अपने परिवार के साथ मेरा परिवार कितना उदास है तभी परी ने एक चकी पर्गट् की  उस चकि से नमक निकलता था बोली अब मायुष् मत रहा और घर ले जाओ और नमक बेज कर पैसे से अपना और अपने परिवार को खुश रखो तभी वह घर जाके अपने परिवार को बताता है और नमक बेजने का काम शुरू कर देता है वह धीरे धीरे वह अपने भाई से भी अमीर हो गया तो उसके भाई चोचने लगा की क्या मिल गया की वह एक दम मुझ से बी जयादा अमीर हो गया उसने अपने भाई के चोरी चुपके घर मे गया तभी उसने पता लगा की क्या मामला है तो वह चोचने लग गया की क्या किया जाय की वह चकि मुझे मिल जाय फिर कुछ दिनों के बाद वह उसी घर जाता है और वह चकि को चुरा कर ले जाता है घर जाने के बाद वह अपनी पत्नी और बचो को कहता है की...